Delhi Police Fake No Entry Permit Case में एक बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है, जहां तिमारपुर ट्रैफिक सर्कल की टीम ने फर्जी No Entry Permit (NEP) का मामला पकड़कर ट्रैफिक नियमों के दुरुपयोग को उजागर किया है। खास बात यह है कि केवल 3 हफ्तों में दूसरी बार ऐसा मामला सामने आया है।
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Delhi Police Fake No Entry Permit Case: क्या है पूरा मामला
Delhi Police के अनुसार, यह घटना 9 अप्रैल 2026 की है, जब ट्रैफिक पुलिस Outer Ring Road पर नियमित checking कर रही थी।
इस दौरान एक वाहन को No Entry नियम तोड़ने पर रोका गया।
कैसे पकड़ा गया फर्जी परमिट
जब पुलिस ने वाहन के विंडस्क्रीन पर लगे No Entry Permit को e-challan system से verify किया, तो सच्चाई सामने आई।
मुख्य पॉइंट्स:
- परमिट नंबर vehicle से match नहीं हुआ
- सिस्टम में वह किसी अन्य वाहन के नाम पर था
- इससे साफ हुआ कि परमिट fake था
यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच का उदाहरण है।
आरोपी ने क्या खुलासा किया
ड्राइवर लखन (22 वर्ष), निवासी गाजियाबाद ने पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें बताईं:
- ₹2000 देकर दलाल से फर्जी परमिट बनवाया
- पिछले 2 साल से ऐसे ही permit इस्तेमाल कर रहा था
- उसका वाहन ऐसे सामान ढोता था जो NEP के लिए eligible नहीं था
यह संकेत देता है कि यह एक organized racket हो सकता है।
पहले भी सामने आ चुका है मामला
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 18 मार्च 2026 को भी इसी तरह का मामला सामने आया था।
उस केस में:
- ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया
- वाहन मालिक को नोटिस दिया गया
इससे साफ है कि यह लगातार हो रहा fraud है।
पुलिस की कार्रवाई और सख्ती
इस मामले में:
- FIR दर्ज की गई (PS Wazirabad)
- BNS की धाराओं के तहत कार्रवाई
- जांच जारी
पुलिस अब ऐसे मामलों पर और सख्ती से नजर रख रही है।
Conclusion
Delhi Police Fake No Entry Permit Case ने यह दिखा दिया है कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन अब आसान नहीं है।
लगातार हो रही कार्रवाई से यह साफ है कि पुलिस अब ऐसे fraud network को खत्म करने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।
DISCLAIMER:
यह खबर Delhi Police द्वारा जारी 10/04/2026 प्रेस रिलीज पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जन जागरूकता है। किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित विभाग की वेबसाइट से सत्यापन अवश्य करें।










