Delhi Police Fake Loan App Fraud मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहां साइबर पुलिस ने ऑपरेशन CyHawk 4.0 के तहत एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस केस में 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और जांच में Pakistan और Bangladesh से जुड़े लिंक सामने आए हैं।
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Delhi Police Fake Loan App Fraud: क्या है पूरा मामला
Delhi Police के अनुसार, यह मामला फर्जी loan apps के जरिए लोगों को ठगने से जुड़ा है।
इस scam में लोगों को बिना गारंटी के loan देने का लालच दिया जाता था और बाद में उनसे पैसे वसूले जाते थे।
कैसे काम करता था पूरा नेटवर्क
इस नेटवर्क की working काफी organized थी:
- Fake loan apps के जरिए लोगों को target किया जाता था
- Loan approval के बाद victim का data access कर लिया जाता था
- फिर victims को धमकाया जाता था
- उनके edited photos (morphed images) शेयर करने की धमकी दी जाती थी
इस पूरे नेटवर्क में mule bank accounts का इस्तेमाल किया जाता था।
कैसे हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने investigation के दौरान कई अहम leads हासिल किए।
मुख्य घटनाक्रम:
- पहले 4 आरोपी गिरफ्तार किए गए
- उनसे मिली जानकारी के आधार पर आगे जांच हुई
- Kapashera से 2 और आरोपी पकड़े गए
गिरफ्तार आरोपियों के पास से mobile phones भी बरामद हुए जिनमें WhatsApp chats और fraud से जुड़े data मिले।
आरोपियों का प्रोफाइल
गिरफ्तार आरोपी:
- करण कुमार (24 वर्ष)
- शमी अहमद (27 वर्ष)
दोनों Rapido driver के रूप में काम करते थे और commission के बदले bank accounts उपलब्ध कराते थे।
साइबर फ्रॉड का तरीका (Modus Operandi)
इस scam का तरीका बेहद खतरनाक था:
- Victim loan app डाउनलोड करता था
- App phone data access कर लेता था
- Loan देने के बाद तुरंत पैसे काटे जाते थे
- फिर victims को धमकी दी जाती थी
- पैसे UPI और mule accounts में जमा कराए जाते थे
- बाद में cryptocurrency (USDT) में convert किया जाता था
सबसे बड़ा खुलासा:
- Pakistan और Bangladesh के virtual numbers से संपर्क
- foreign handlers के involvement की संभावना
पुलिस की आगे की कार्रवाई
इस मामले में:
- कई FIR दर्ज की गई
- Cyber Police Station में जांच जारी
- बाकी आरोपियों की तलाश
पुलिस अब international links की भी जांच कर रही है।
Conclusion
Delhi Police Fake Loan App Fraud केस ने यह दिखाया है कि साइबर अपराध अब international level पर फैल चुका है।
इस कार्रवाई से न सिर्फ एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है बल्कि यह भी साबित हुआ है कि digital fraud से बचने के लिए लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
DISCLAIMER:
यह खबर Delhi Police द्वारा जारी 10/04/2026 प्रेस रिलीज पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जन जागरूकता है। किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित विभाग की वेबसाइट से सत्यापन अवश्य करें।

